जमशेदपुर: मदर्स डे के अवसर पर सेवा, सम्मान और संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए रोटेरैक्ट क्लब ऑफ़ नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी द्वारा सोमवार को फुरीडा ओल्ड एज होम में विशेष सेवा प्रकल्प का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य वृद्ध माताओं और बुजुर्ग महिलाओं को सम्मान, स्नेह और अपनेपन का एहसास कराना था.

इस भावनात्मक कार्यक्रम में क्लब के सदस्यों और स्वयंसेवकों ने बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया. कार्यक्रम की शुरुआत वृद्ध माताओं के अभिवादन और सम्मान के साथ हुई. क्लब सदस्यों ने बुजुर्ग महिलाओं के साथ समय बिताया, उनकी दिनचर्या, संघर्ष और जीवन के अनुभवों को सुना तथा उन्हें भावनात्मक सहारा देने का प्रयास किया. पूरे कार्यक्रम के दौरान वृद्धाश्रम में खुशी, आत्मीयता और अपनत्व का माहौल देखने को मिला. कई बुजुर्ग महिलाएं इस पहल से भावुक नजर आईं.
उन्होंने कहा कि आज के समय में जब लोग अपने बुजुर्गों को समय नहीं दे पाते, ऐसे में युवाओं का इस तरह उनके बीच आना उनके लिए बेहद सुखद और यादगार अनुभव है.
कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने गीत- संगीत, हल्की बातचीत और हंसी- मजाक के जरिए माहौल को खुशनुमा बना दिया. इस दौरान क्लब सदस्यों द्वारा वृद्धाश्रम में रहने वाली माताओं और बुजुर्ग महिलाओं के बीच फल, मिठाइयां और दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री का वितरण भी किया गया. कार्यक्रम में मौजूद सदस्यों ने कहा कि मां केवल जन्म देने वाली नहीं होती, बल्कि वह पूरे समाज की शक्ति और संस्कार की आधारशिला होती है. ऐसे में वृद्ध माताओं को सम्मान देना और उनके चेहरे पर मुस्कान लाना ही इस आयोजन का सबसे बड़ा उद्देश्य था.
पूरे आयोजन के दौरान क्लब के सदस्यों का उत्साह और समर्पण देखने लायक रहा. स्वयंसेवकों ने पूरे मन से बुजुर्गों की सेवा की और उन्हें विशेष महसूस कराने का प्रयास किया. यह पहल न केवल वृद्धजनों के लिए भावनात्मक सहारा बनी, बल्कि युवाओं के लिए भी एक प्रेरणादायक अनुभव साबित हुई. कार्यक्रम के अंत में क्लब सदस्यों ने लोगों से अपने माता- पिता और बुजुर्गों का सम्मान करने, उन्हें समय देने और उनके अनुभवों से सीख लेने की अपील की. साथ ही भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक और सेवा कार्य जारी रखने की बात कही गई.



