जामताड़ा: शहर के कोर्ट मोड़ स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आने के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है. प्रतिमा के हाथ में लगे तीर- धनुष को तोड़े जाने से आदिवासी समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में समाज के लोग मौके पर जुट गए और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करने लगे. लोगों ने इसे आदिवासी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटना बताया.

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन भी तुरंत अलर्ट मोड में आ गया. सूचना मिलने पर एसडीओ अनंत कुमार और एसडीपीओ बिकास आनंद लागुरी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि घटना में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान की जा सके. एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी कर दी गई है. आदिवासी समाज के प्रतिनिधि महादेव सोरेन ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी समाज के स्वाभिमान, संघर्ष और पहचान के प्रतीक हैं. उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना पूरे समाज की भावनाओं पर हमला है.
यह घटना सिर्फ एक प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और संवेदनशीलता से जुड़ा मुद्दा बन गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होने के कारण असामाजिक तत्व इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और दोषियों की तलाश जारी है.
Report By Manish Baranwal

