सरायकेला: भीषण गर्मी के बीच जिले में लगातार गहराते बिजली और पेयजल संकट को लेकर गुरुवार को सरायकेला जिला मुख्यालय में भाजपा ने जोरदार धरना- प्रदर्शन किया. आपको बता दे कि यह प्रदर्शन प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर पूरे राज्य में किया जा रहा है. जिला अध्यक्ष हरे कृष्ण प्रधान के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और बिजली कटौती, पेयजल संकट तथा प्रशासनिक लापरवाही को लेकर आक्रोश जताया गया.

धरना के दौरान भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी में आम जनता बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान है, लेकिन सरकार पूरी तरह संवेदनहीन बनी हुई है. नेताओं ने राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली व्यवस्था बाधित रहने के कारण महिला और नवजात की मौत का मुद्दा भी उठाया और इसे प्रशासनिक विफलता बताया.
प्रदर्शन के बाद भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जिले में बिजली और पानी की व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की. ज्ञापन में नियमित बिजली आपूर्ति, खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने, जलमीनारों को चालू कराने और अस्पतालों में निर्बाध बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई.
धरना कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष रीतिका मुखी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी, भाजपा नेता अभय सिंह, आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार, पूर्व विधायक अनंत राम टुडू और पूर्व जिला अध्यक्ष उदय सिंहदेव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे.
जिला अध्यक्ष हरे कृष्णा प्रधान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल रहने से लोग परेशान हैं, जबकि शहरी इलाकों में भी पेयजल संकट गहराता जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हैं.
वहीं भाजपा नेता अभय सिंह ने कहा कि बिजली संकट के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और छोटे व्यवसाय चौपट हो रहे हैं. वहीं दिनेशा नंद गोस्वामी ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों और प्रशासनिक उदासीनता का खामियाजा आम जनता भुगत रही है. प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने “बिजली- पानी दो”, “जनता परेशान, सरकार बेखबर” और “हेमंत सरकार होश में आओ” जैसे नारे लगाए. बाद में उपायुक्त कार्यालय के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर हांडी फोड़ी और सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया.
यह प्रदर्शन सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि बढ़ती गर्मी के बीच बुनियादी सुविधाओं को लेकर जनता की बढ़ती नाराजगी का भी संकेत माना जा रहा है. अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन मांगों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है.
Report by Pramod Singh

