जामताड़ा/ Manish Baranwal झारखंड राज्य आकलन प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले चल रहा दो दिवसीय धरना प्रदर्शन शुक्रवार को समाप्त हो गया. धरना के दौरान सहायक शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई.

धरना के दूसरे दिन पूर्व सांसद और स्वास्थ्य मंत्री के पिता फुरकान अंसारी धरना स्थल पर पहुंचे और शिक्षकों के साथ समय बिताते हुए उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया. इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से उठाने की बात कही.
मोर्चा के जिला अध्यक्ष शब्बीर अंसारी और प्रखंड अध्यक्ष मो. शमीम ने संयुक्त रूप से कहा कि आकलन पास सहायक अध्यापकों को TET के समतुल्य मान्यता देना उनकी मुख्य मांग है. इसके अलावा समान काम के लिए समान वेतन और सहायक आचार्य भर्ती में समान अवसर देने की भी मांग उठाई गई. शिक्षकों ने मंत्री इरफान अंसारी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे विपक्ष में थे, तब उन्होंने सरकार बनने पर सहायक शिक्षकों को 50 हजार रुपये मासिक वेतन देने की घोषणा की थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद यह वादा पूरा नहीं किया गया.
साथ ही शिक्षकों ने हेमंत सोरेन के चुनावी वादों का भी जिक्र करते हुए कहा कि पारा शिक्षकों के स्थायीकरण और वेतनमान को लेकर किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं, जिससे उनकी स्थिति बदतर होती जा रही है.
धरना स्थल पर जिला सचिव दिलीप, छोटेलाल मंडल, संगठन मंत्री इरफान अंसारी, इफ्तिखार आलम, भरत स्वर्णकार, शकील उजमा, चित्रा कुमारी, श्यामली दास, रेखा देवी, लीलावती हेम्बरम सहित बड़ी संख्या में सहायक शिक्षक- शिक्षिकाएं मौजूद रहे.

