जामताड़ा/ Manish Baranwal जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘स्कूल रूआर 2026’ अभियान की शुरुआत की गई. कार्यक्रम का आयोजन झारखंड शिक्षा परियोजना के तहत उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया, जिसमें परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कलानाथ और जिला शिक्षा अधीक्षक विकेश कुणाल प्रजापति सहित कई अधिकारी मौजूद रहे.

उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि 15 से 30 अप्रैल तक जिले के सभी विद्यालयों में ‘रूआर कार्यक्रम’ चलाया जा रहा है. ‘रूआर’ संताली भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है ‘स्कूल वापसी’. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 5 से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ना है.
उन्होंने कहा कि यह अभियान शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा. साथ ही निर्देश दिया कि जो बच्चे विद्यालय नहीं आ रहे हैं, उनके कारणों की गहन जांच कर समाधान निकाला जाए, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे.
उपायुक्त ने दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि दिव्यांगता कोई अभिशाप नहीं है. ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें बेहतर शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराई जाए.
उन्होंने विद्यालयों में नए नामांकित बच्चों के स्वागत के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया. केक काटकर और उत्सव के माध्यम से बच्चों का स्वागत करने की बात कही, ताकि उनमें विद्यालय के प्रति अपनापन और उत्साह बढ़े. कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि घर- घर सर्वेक्षण, अभिभावकों को जागरूक करने और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. पंचायत प्रतिनिधियों और समाज के लोगों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई.

