हजारीबाग: विष्णुगढ़ में 13 वर्षीय बच्ची हत्याकांड को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. एक ओर पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बच्ची की मां समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दलों के बीच आरोप- प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे ने कांग्रेस की पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद के बयान को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है. उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के आरोप लगाना उचित नहीं है और पुलिस जांच पर भरोसा रखना चाहिए. मनोज पांडे ने हजारीबाग पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि एक “ब्लाइंड केस” को जिस तरह सुलझाया गया, वह काबिल-ए-तारीफ है और अब सच्चाई सामने आ चुकी है.
वहीं अम्बा प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले में भूमि विवाद को लेकर पुलिस के दावों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि धनेश्वर पासवान और भीम राम के बीच किसी तरह का विवाद नहीं था और जांच की दिशा पर भी संदेह जताया.
दूसरी ओर धनेश्वर पासवान ने अपने बयान में कहा कि जिस जमीन को उन्होंने खरीदा था, उस पर भीम राम की नजर थी और इसी विवाद के चलते उन्हें फंसाने की कोशिश की गई.
पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इस हत्याकांड में धनेश्वर पासवान की कोई भूमिका नहीं है. जांच के आधार पर बच्ची की मां, भीम राम और एक अन्य महिला को आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया गया है. धनेश्वर पासवान ने निष्पक्ष जांच के लिए हजारीबाग पुलिस का आभार जताया और कहा कि सच्चाई सामने आने से उन्हें न्याय मिला है.

