सरायकेला/ Pramod Singh नाबार्ड के अध्यक्ष शाजी केवी ने शनिवार को चांडिल प्रखंड स्थित गोरडीह लैम्प्स, एफपीओ का निरीक्षण कर ग्रामीण विकास की जमीनी हकीकत का आकलन किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसानों, लैम्प्स सदस्यों और एफपीओ प्रतिनिधियों से सीधे संवाद किया तथा संस्थाओं के संचालन, विपणन और डिजिटल प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की.

अध्यक्ष ने उत्पादों की गुणवत्ता, डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग और बाजार तक पहुंच बढ़ाने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटलीकरण और क्षमता संवर्धन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है.

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं की सफलता अंतिम व्यक्ति तक सेवाओं की प्रभावी पहुंच पर निर्भर करती है. इसके लिए सहकारी संस्थाओं के सशक्तिकरण, ई-पैक्स और एफपीओ के माध्यम से कृषि विपणन प्रणाली को मजबूत करना आवश्यक है. साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बहुउद्देश्यीय आर्थिक केंद्र विकसित करने पर भी जोर दिया.
कार्यक्रम के दौरान किसानों और सदस्यों को पीएसीएस सदस्यता प्रमाण- पत्र, ई- केसीसी प्रमाण- पत्र तथा चयनित एफपीओ को ईजीए स्वीकृति पत्र वितरित किए गए. इस अवसर पर चामी मुर्मू ने महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक भागीदारी को ग्रामीण विकास की आधारशिला बताया. वहीं दीपमाला घोष ने कहा कि सहकारिता, वित्तीय समावेशन और डिजिटल पहल के समन्वय से ही किसानों की आय में वृद्धि संभव है.
कार्यक्रम में रांची क्षेत्रीय कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, सहकारिता विभाग के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे. नाबार्ड की यह पहल सहकारिता, तकनीकी नवाचार और वित्तीय समावेशन के माध्यम से ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की दिशा में सरायकेला- खरसावां में एक मजबूत मॉडल के रूप में उभर रही है.

