चांडिल/ Vikash Thakur सरायकेला- खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत शहरबेड़ा में सरहुल पर्व को लेकर भूमि विवाद अब गहराता जा रहा है. इस मामले में जमीन मालिक सूर्य पद महतो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं.

प्रेस वार्ता में उन्होंने दावा किया कि प्लॉट संख्या 395, 397, 403 और 404, जो करीब 7.5 एकड़ भूमि है, उनकी निजी संपत्ति है. उनका आरोप है कि वर्ष 2024 से कुछ लोग सरहुल पर्व के नाम पर इस जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और आयुक्त को कई बार लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई होती तो विवाद नहीं बढ़ता. झारखंड उच्च न्यायालय में भी यह मामला पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि न्यायालय ने एसडीएम को निर्देश दिया है कि यदि दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया स्वामित्व सिद्ध होता है तो भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.
जमीन मालिक के अनुसार, वर्ष 2025 में उक्त जमीन के एक हिस्से का अधिग्रहण NHAI द्वारा किया जा चुका है, जबकि शेष भूमि उनके पूर्वजों की रैयती संपत्ति है. ऐसे में सरहुल कमेटी द्वारा उस पर दावा करना अनुचित है.
आरोप है कि न्यायालय के निर्देश और प्रशासन को सूचना देने के बावजूद 21 मार्च 2026 को विवादित भूमि पर सरहुल पर्व का आयोजन किया गया. इसको लेकर चांडिल थाना में आवेदन देकर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोगों ने स्पष्ट किया कि वे सरहुल जैसे पारंपरिक पर्व का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी की निजी जमीन पर बिना अनुमति आयोजन उचित नहीं है. उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर वैध भूमि अधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.

