मधुपुर/ Md. Aslam झारखंड उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार संचालित 100 दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत मधुपुर स्थित मधुस्थली शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान द्वारा “बाल विवाह मुक्त भारत” विषय पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. यह अभियान संस्थान की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य समाज में व्याप्त बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ जनचेतना का निर्माण करना है.

कार्यक्रमों की कड़ी में 09 जनवरी 2026 को “बाल विवाह मुक्त भारत” विषय पर एक विचारोत्तेजक सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार में वक्ताओं ने बाल विवाह के सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला. इस दौरान विद्यार्थियों को बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों और बाल अधिकारों की भी जानकारी दी गई.
इसके बाद 10 जनवरी 2026 को इसी विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई. प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने रचनात्मक पोस्टरों के माध्यम से बाल विवाह के खिलाफ सशक्त संदेश प्रस्तुत किए. प्रतिभागियों की कलात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक सरोकार की निर्णायकों ने सराहना की.
जन-जन तक जागरूकता पहुंचाने के उद्देश्य से संस्थान के छात्र-छात्राओं ने टिटैयाबांक से चोंगाखार ग्राम तक एक जागरूकता रैली निकाली. रैली के दौरान “बाल विवाह मुक्त भारत” के नारे लगाए गए. इसके साथ ही ग्रामीणों के बीच एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया, जिसमें बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया गया.
सभी कार्यक्रम संस्थान की प्राचार्या डॉ. जॉली सिन्हा के मार्गदर्शन में तथा एनएसएस समन्वयक विनीता श्रीवास्तव के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुए. कार्यक्रम की सफलता में डॉ. अरुण कुमार मिश्रा, पायल दत्ता, प्रिया कुमारी, सुरेश चंद्र जायसवाल, विवेक जायसवाल, संदीप कुमार बेरा, सहेली रॉय, कुंदन कुमार सहित अन्य शिक्षकों और स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान रहा.
संस्थान प्रबंधन ने उम्मीद जताई कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होंगे.

