मधुपुर/ Md. Aslam नेताजी सुभाष जागृति मंच के स्थानीय कार्यालय में सनातन धर्म के अग्रणी, महान दार्शनिक और युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई. कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर की गई.

माल्यार्पण के बाद मंच के सदस्यों ने स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन, उनकी सादगीपूर्ण जीवन शैली और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर आधारित उनके प्रेरक विचारों को साझा किया. वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद एक महान भारतीय दार्शनिक, संत और समाज सुधारक थे, जिन्होंने भारतीय संस्कृति और वेदांत दर्शन को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई.
कार्यक्रम के दौरान स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध उद्धरणों का भी उल्लेख किया गया. इनमें “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए”, “तुम अपने आप को कमजोर समझते हो, यही तुम्हारी सबसे बड़ी कमजोरी है” और “विश्वास करो, तुममें शक्ति है” जैसे विचारों ने युवाओं को विशेष रूप से प्रेरित किया.
कार्यक्रम का संचालन मंच के केंद्रीय अध्यक्ष उदय चक्रवर्ती ने किया, जबकि अध्यक्षता जिला अध्यक्ष ध्रुव प्रसाद साह ने की. इस अवसर पर मंच के संरक्षक दीपू राज, जिला कोषाध्यक्ष अभिजीत डे, मनोज कुमार, बाबूलाल जूनियर, कृष्णा ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और युवा उपस्थित थे. कार्यक्रम का समापन स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात करने और उनके बताए मार्ग पर चलने के संकल्प के साथ किया गया.

