सरायकेला: पिछले दिनों सम्पन्न हुए सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है. जिसमें गम्हरिया प्रखंड की आंगनबाड़ी सेविका पूनम देवी जन वितरण प्रणाली के शिविर में ई-पॉस मशीन लेकर बैठी नजर आईं. हैरानी तब हुईं ज़ब पूनम देवी सेविका के ड्रेसकोड में शिविर में नजर आयी और तमाम अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया. बताया जा रहा है कि पूनम देवी महिला समिति की दुकान का संचालन भी करती हैं. साथ ही आगनबाड़ी केंद्र भी चला रही हैं.

जानकारी के अनुसार दोनों केंद्र आदित्यपुर क्षेत्र में स्थित हैं. राम मड़ाईया में आंगन बाड़ी केंद्र का संचालन करती हैं जबकि रोड न. 10 आदित्यपुर- 1 में पीडीएस दुकान का संचालन करती हैं. पूनम देवी स्वयं छोटा गम्हरिया में रहती हैं और वहीं से आना-जाना करती हैं. जन वितरण प्रणाली की दुकान समिति में एक अविवाहित महिला को नाम मात्र के लिए रखा गया है, जबकि व्यवहारिक रूप से दुकान का संचालन पति- पत्नी मिलकर करते हैं.
आरोप है कि पूनम देवी के पति श्रवण कुमार न केवल दुकान के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं, बल्कि आंगनबाड़ी सेविका को सरकार की ओर से मिलने वाले पोषण पैकेट के वितरण का कार्य भी वही करते हैं. बताया जा रहा है कि यह पोषण सामग्री रांची के एक सप्लायर से मंगाई जाती है.
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूनम देवी के पति श्रवण कुमार पर पोषण आहार के कालाबाजारी मामले में पूर्व में आदित्यपुर थाने में प्राथमिकी भी दर्ज हुई है. उक्त मामले में पूनम देवी के केंद्र को ब्लैक लिस्ट भी किया जा चुका हैं मगर अपने प्रभाव के बल पर उन्होंने केंद्र को पुन: बहाल करा लिया. इस पूरे मामले ने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और नियमों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही व्यक्ति द्वारा दो- दो जिम्मेदारियों का निर्वहन और परिवार के सदस्यों की सीधी भूमिका नियमों के विरुद्ध है. मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग की जा रही है.
मामला गंभीर होगी जांच: डीएसओ
इस मामले पर डीएसओ पुष्कर सिंह मुंडा ने बताया कि मामला गंभीर है इसकी जांच कराई जाएगी. यदि सत्य साबित हुआ तो न केवल विभागीय कार्रवाई की जाएगी बल्कि समिति को निलंबित भी किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जिले में ऐसे मामले आने पर बगैर किसी सुनवाई के सख्त कार्रवाई की जाएगी.

