चाईबासा/ Jayant Pramanik अधिवक्ता सह जेएलकेएम के युवा नेता महेंद्र जामुदा ने झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार केवल नए भवन निर्माण में लगी हुई है जबकि स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बदहाल है. उन्होंने नगड़ी में रिम्स 2 के निर्माण पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां के रैयत इस परियोजना को नहीं चाहते हैं, बावजूद इसके सरकार एड़ी चोटी का जोर लगा रही है.

जामुदा ने आरोप लगाया कि सरकार को बिल्डिंग बनाने से खुशी शायद इसलिए मिल रही है क्योंकि इससे ठेकेदारों और संबंधित लोगों को फायदा होगा. लेकिन राज्य के अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति बेहद खराब है. यहां डॉक्टर, नर्स, पैथोलॉजिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट की भारी कमी है. उन्होंने कहा कि जो डॉक्टर और नर्स कार्यरत हैं, उन्हें भी उचित मानदेय नहीं मिल रहा है और अधिकांश स्टाफ अनुबंध पर काम करने को मजबूर हैं.
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में स्व. दिशुम गुरु शिबू सोरेन, स्व. रामदास सोरेन और झारखंड सरकार के मंत्री हफीजुल हसन तक को बेहतर इलाज के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ा. ऐसे में गरीब और बेबस जनता कहां जाएगी.
जामुदा ने कहा कि सरकार को बाहरी राज्यों से भी अच्छे डॉक्टरों की नियुक्ति करनी चाहिए और उन्हें आकर्षक वेतन प्रदान करना चाहिए ताकि राज्य के लोग झारखंड से बाहर इलाज के लिए न जाएं. उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल नए भवन बनाना विकास का प्रतीक नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और मौजूदा रिम्स को पूरी तरह अपडेट करना ही वास्तविक प्रगति होगी.

