जामताड़ा: जिले के नाला प्रखंड स्थित चकनायपाड़ा पंचायत में मनरेगा के तहत 4.83 लाख रुपये की कथित फर्जी निकासी का मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है. इस मामले को इंडिया न्यूज़ वायरल बिहार-झारखंड द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है.


जीवनपुर गांव निवासी बुधन मिर्धा और उनकी पत्नी बेबी देवी ने उपायुक्त आलोक कुमार को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उनके नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर मनरेगा योजना से राशि की निकासी कर ली गई. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्हें किसी भी योजना की जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं.
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आरोप के अनुसार उनके नाम पर भूमि समतलीकरण, मेड़बंदी तथा अबुआ आवास योजना के तहत मजदूरी भुगतान दर्शाकर कुल 4.83 लाख रुपये की निकासी की गई है. दंपति को मामले की जानकारी तब हुई जब जांच से जुड़े अधिकारी उनके घर पहुंचे और उनके नाम पर योजनाओं का कार्य पूरा होने की बात कही.
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त आलोक कुमार ने उप विकास आयुक्त (डीडीसी) को जांच का आदेश दिया है. अब जांच के दौरान दस्तावेजों, भुगतान विवरण और संबंधित योजनाओं की वास्तविक स्थिति की पड़ताल की जाएगी.
यदि जांच में शिकायतकर्ताओं के आरोप सही पाए जाते हैं, तो मनरेगा योजनाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितता और सरकारी राशि के दुरुपयोग का मामला सामने आ सकता है. प्रशासन की कार्रवाई पर अब जिले की नजर टिकी हुई है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

