Deoghar Shravani Mela 2025 Exclucive सावन का पावन महीना चल रहा है और आज सावन का पांचवां दिन है. बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में कांवरियों का सैलाब उमड़ पड़ा है. हर कोई बाबा को जल अर्पित कर अपने जीवन को धन्य मान रहा है. इसी बीच कांवरिया पथ पर आस्था और समर्पण की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली.

आजमगढ़ के रहने वाले मनोज, जो दोनों आंखों से देख नहीं सकते, नंगे पांव पैदल 108 किलोमीटर की यात्रा कर सुल्तानगंज से देवघर पहुंचे हैं. मनोज ने बताया कि एक दुर्घटना में उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी. लेकिन बाबा बैद्यनाथ पर उनकी आस्था इतनी मजबूत है कि वह अपनी अंतरात्मा से भोलेनाथ को देखते हैं और हर साल कांवर यात्रा करते हैं.
उन्होंने कहा कि आंखें नहीं होने के बावजूद उन्हें कभी अंधकार महसूस नहीं होता क्योंकि उनके साथ बाबा का आशीर्वाद है. बाबा पर उनकी असीम श्रद्धा और विश्वास ही उनका असली संबल है. मनोज की यह भक्ति उन सभी के लिए प्रेरणा है, जो जीवन की छोटी- छोटी परेशानियों से हार मान लेते हैं.

