लोहरदगा: सांसद एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत ने IDBI बैंक की रणनीतिक हिस्सेदारी कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंसियल होल्डिंग्स से जुड़ी इकाई को बेचने के केंद्र सरकार के फैसले का विरोध किया है. उन्होंने इसे राष्ट्रहित के खिलाफ बताते हुए कहा कि जिस बैंक को कर्मचारियों ने घाटे से निकालकर लाभ की स्थिति में पहुंचाया, उसका नियंत्रण निजी हाथों में देने के औचित्य पर सरकार को जवाब देना चाहिए.


केंद्र सरकार ने फेयरफैक्स की इकाई M/s 10955230 Canada Inc. को IDBI बैंक की 60.72% हिस्सेदारी के लिए रणनीतिक खरीदार के रूप में मंजूरी दी है. सौदे का मूल्य करीब 52,878 करोड़ रुपये है. इसमें केंद्र सरकार की 30.48% और LIC की 30.24% हिस्सेदारी शामिल है. प्रस्तावित बिक्री के बाद केंद्र के पास 15% और LIC के पास 19% हिस्सेदारी रहेगी.
आरक्षण खत्म होने की जताई आशंका
सुखदेव भगत ने कहा कि पिछले वर्ष IDBI बैंक के कर्मचारी प्रतिनिधियों ने संसद भवन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर बैंक के निजीकरण पर चिंता जताई थी. भगत के मुताबिक बैंक के निजी नियंत्रण में जाने से SC, ST और OBC वर्ग के लिए आरक्षण तथा कर्मचारियों की सेवा शर्तों और नौकरी की सुरक्षा पर असर पड़ने की आशंका है.
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाएं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और लाभ की स्थिति में पहुंच चुके बैंक के निजीकरण के बजाय उसे और मजबूत किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस IDBI बैंक के कर्मचारियों की चिंताओं के साथ खड़ी है.
वहीं केंद्र सरकार का पक्ष है कि रणनीतिक पुनर्गठन के बाद बैंक में निजी पूंजी, नई तकनीक और बेहतर प्रबंधन व्यवस्था आने से उसकी कारोबारी क्षमता और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी. सरकार ने यह भी कहा है कि प्रस्तावित खरीदार को आगे RBI की नियामकीय शर्तों का पालन करना होगा.

