राजनगर: सरायकेला- खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड स्थित हेंसल गांव में भगवान जगन्नाथ के प्रति आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला. पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर की स्थापत्य शैली पर निर्मित भव्य मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच चूड़ा प्रतिष्ठा अनुष्ठान संपन्न हुआ. भगवान जगन्नाथ के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा.


अनुष्ठान का मुख्य आकर्षण मंदिर के करीब 75 फीट ऊंचे शिखर पर चूड़ा प्रतिष्ठा रहा. श्रद्धालुओं ने चूड़ा में अन्न, धान, सोना-चांदी समेत विभिन्न पवित्र सामग्रियां समर्पित कीं. इस विशेष धार्मिक परंपरा के साक्षी बनने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे.
अनुष्ठान की शुरुआत सोनारडीह से आई भजन-कीर्तन मंडली द्वारा शाहड़ा पेड़ की पवित्र डाली लाने के साथ हुई. श्रद्धालुओं ने पवित्र डाली के साथ पूरे गांव का भ्रमण किया. इस दौरान महिला-पुरुषों ने हल्दी मिश्रित जल से डाली का पूजन किया और माथा टेककर आशीर्वाद लिया. इसके बाद भजन-कीर्तन और जयघोष के बीच पवित्र डाली को मंदिर परिसर लाया गया.
आयोजन के दौरान हेंसल में धार्मिक आस्था और पारंपरिक लोक संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला. ग्रामीणों ने मंदिर की चूड़ा प्रतिष्ठा को गांव के लिए ऐतिहासिक और यादगार अवसर बताया.
आयोजन को सफल बनाने में ग्राम प्रधान अशोक गोप, समाजसेवी मनोज पटनायक, विनोद ज्योतिषी, पुजारी किशोर नंद, दिलीप पंडा, उज्ज्वल मोदक समेत हेंसल गांव के ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया.
रिपोर्ट: रासबिहारी मंडल

