सरायकेला: भीषण गर्मी और लगातार गहराते पेयजल संकट के बीच सरायकेला नगर पंचायत ने बड़ी पहल करते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को अपने अधीन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. नगरवासियों को नियमित, स्वच्छ और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का विस्तृत निरीक्षण किया और कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए.

निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने जल शोधन प्रणाली, वितरण व्यवस्था, मशीनों की कार्यप्रणाली और रखरखाव कार्यों का गहन जायजा लिया. इस दौरान मोटर रूम में अत्यधिक गर्मी के कारण मोटरों के ओवरहीट होने की समस्या सामने आई, जिस पर उन्होंने तत्काल एयर कंडीशनर लगाने का निर्देश दिया, ताकि मशीनों का सुरक्षित और सुचारु संचालन सुनिश्चित हो सके.
अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्लांट में उपलब्ध संसाधनों, उपकरणों और तकनीकी जरूरतों का विस्तृत आकलन कर वैज्ञानिक तरीके से इन्वेंट्री तैयार की जाए. इससे भविष्य में जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा.
इस मौके पर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी समीर बोदरा, मैकेनिकल अभियंता विक्की कुमार, सिटी मैनेजर सुमित सुमन, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता ललित इंदवार, सहायक अभियंता एम.एल. गिलवा, वरिष्ठ कनीय अभियंता प्रकाश गुप्ता और उपाध्यक्ष अविनाश कवि समेत कई अधिकारी मौजूद रहे.
नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था के नगर पंचायत के अधीन आने से स्थानीय स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा. साथ ही निगरानी, जवाबदेही और रखरखाव व्यवस्था भी अधिक मजबूत बनेगी. हस्तांतरण के बाद जल वितरण तंत्र को आधुनिक बनाने, नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी.
उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से नगर क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या का स्थायी समाधान निकल सकेगा और हर घर तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा होगा. अंत में नगर पंचायत ने नागरिकों से जल संरक्षण और जिम्मेदारी के साथ पानी के उपयोग की अपील की है.

