
सरायकेला: जिले के आमदा ओपी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लोसोदिकी में गुरुवार को महिलाओं, किशोरियों और ग्रामीणों को कानून, सुरक्षा तथा सामाजिक जागरूकता से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा तथा सामाजिक कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया.


कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि किसी भी प्रकार के महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, बच्चों से जुड़े अपराध अथवा अन्य आपात स्थिति में तत्काल 112 नंबर पर संपर्क करें. वहीं बच्चों से संबंधित मामलों के लिए 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) तथा साइबर ठगी की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन का उपयोग करने की जानकारी दी गई.
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से बच्चा चोरी जैसी भ्रामक अफवाहों पर विश्वास नहीं करने और किसी भी संदिग्ध सूचना की तुरंत पुलिस को जानकारी देने की अपील की. उन्होंने कहा कि अफवाहें कई बार निर्दोष लोगों के लिए गंभीर खतरा बन जाती हैं. इसलिए किसी भी सूचना की पहले पुष्टि करें और कानून अपने हाथ में न लें.
कार्यक्रम में महिलाओं को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई. साथ ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए इसे रोकने में समाज की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया. सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की निस्वार्थ सहायता करने वाले लोगों को गुड समैरिटन (Good Samaritan) कानून के तहत मिलने वाले कानूनी संरक्षण की भी जानकारी दी गई.
आमदा ओपी प्रभारी रामरेखा पासवान ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जागरूकता के माध्यम से अपराधों की रोकथाम करना भी है. उन्होंने कहा कि जब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी, बच्चे सुरक्षित रहेंगे और समाज अफवाहों से दूर रहेगा, तभी एक सुरक्षित और सशक्त समाज का निर्माण संभव होगा.
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अपराध या परेशानी की सूचना बिना किसी भय के तुरंत पुलिस को दें. सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी. साथ ही नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने, साइबर अपराधों से सतर्क रहने और कानून का पालन करते हुए समाज में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने का भी आग्रह किया.
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण और जनजागरूकता को लेकर पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए ऐसे कार्यक्रमों को गांव-गांव तक नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की.
प्रमोद सिंह (संपादक)





