सरायकेला: जलवायु परिवर्तन और लगातार घटते हरित क्षेत्र के बीच पठानमारा पंचायत के छोटा टांगरानी गांव से पर्यावरण संरक्षण की प्रेरक पहल सामने आई है. बुधवार को पूर्व मुखिया संजय होन्हागा के नेतृत्व में गांव में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया. इस दौरान करीब 300 पौधे लगाकर हरित भविष्य की मजबूत नींव रखने का संकल्प लिया गया. ग्रामीणों ने पौधारोपण के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का भी सामूहिक संकल्प लिया.



अभियान के तहत गांव के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर फलदार, छायादार एवं पर्यावरण के अनुकूल पौधे लगाए गए. कार्यक्रम में छोटा टांगरानी के ग्राम प्रधान पृथ्वीराज कुम्हकार, बड़ा टांगरानी के वार्ड सदस्य प्रीतम सिंह देव, परमेश्वर कुमार, शुभम पटनायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. सभी ने मिलकर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने का संकल्प लिया.
एक पेड़. आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की गारंटी.
पूर्व मुखिया संजय होन्हागा ने कहा कि पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते वन क्षेत्र जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है. ऐसे समय में प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अधिक से अधिक पौधे लगाए और उन्हें पेड़ बनने तक संरक्षित रखे.
उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल ऑक्सीजन का स्रोत नहीं हैं, बल्कि वर्षा चक्र को संतुलित रखने, भूजल स्तर बढ़ाने, जैव विविधता को सुरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को संवारने का सबसे मजबूत आधार हैं. यदि आज हम प्रकृति की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित और स्वस्थ जीवन जी सकेंगी.
उन्होंने प्रत्येक परिवार से हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी स्वयं निभाने की अपील की.
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने हर वर्ष बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने तथा घरों, खेतों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया. ग्रामीणों ने कहा कि जनभागीदारी से ही हरित, स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण का सपना साकार हो सकता है और यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा.
प्रमोद सिंह (संपादक)





