
सरायकेला: मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत बुधवार को कुचाई प्रखंड में ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से बकरी- बकरा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रखंड मुख्यालय परिसर एवं रूगुडीह पंचायत के बिरगामडीह बिरहोर कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुल 16 चयनित लाभुकों के बीच बकरी एवं बकरों का वितरण किया गया. इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है.


कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह मुंडा, बीडीओ साधुचरण देवगम, जिला परिषद सदस्य जींगी हेंब्रम तथा प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी शंकर कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से लाभुकों को बकरी-बकरा सौंपा. इस दौरान लाभुकों को पशुपालन के माध्यम से स्वरोजगार अपनाने और इसे आय का स्थायी स्रोत बनाने के लिए प्रेरित किया गया.
विधायक प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह मुंडा ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार कल्याणकारी योजनाएं चला रही है. मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी पहल है. उन्होंने कहा कि बकरी पालन कम लागत में बेहतर आमदनी देने वाला व्यवसाय है, जिससे ग्रामीण परिवार अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकते हैं.
बीडीओ साधुचरण देवगम ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है. उन्होंने लाभुकों से पशुओं की समुचित देखभाल, नियमित टीकाकरण और पशुपालन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की. उन्होंने विश्वास जताया कि मेहनत और लगन से बकरी पालन करने पर लाभुकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.
प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी शंकर कुमार सिंह ने लाभुकों को पशुओं के रखरखाव, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी दी. उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में लाभुक सीधे पशुपालन विभाग से संपर्क कर सकते हैं.
जिला परिषद सदस्य जींगी हेंब्रम ने कहा कि बिरहोर समुदाय सहित जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को योजना का लाभ मिलना सकारात्मक पहल है. इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.
लाभुकों ने सरकार और प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह योजना उनके लिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी. कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि, विभागीय कर्मी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.





