सरायकेला/ Pramod Singh चैत्र पर्व के पावन अवसर पर गुरुवार को आस्था, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र द्वारा माता झुमकेश्वरी पीठ पर भव्य पूजा- अर्चना का आयोजन किया गया.

इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और छऊ कलाकारों की आस्था स्पष्ट रूप से झलकती नजर आई.
पर्व के मद्देनजर माता झुमकेश्वरी की विधिवत पूजा- अर्चना की गई, जिसमें क्षेत्र की सुख- समृद्धि और कल्याण की कामना की गई. कार्यक्रम में छऊ नृत्य कला केंद्र के समन्वयक सुदीप कवि मुख्य यजमान के रूप में शामिल हुए. उन्होंने पारंपरिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कर आरती उतारी.
इस मौके पर उन्होंने कहा कि छऊ नृत्य केवल कला नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा से जुड़ा एक आध्यात्मिक माध्यम है. हर शुभ कार्य की शुरुआत माता झुमकेश्वरी के आशीर्वाद से करना वर्षों पुरानी परंपरा है, जो कलाकारों को ऊर्जा और एकजुटता प्रदान करती है. पूजा के उपरांत श्रद्धालुओं और कलाकारों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. कार्यक्रम में नगर पंचायत के अध्यक्ष सह आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी और भोला महांती विशेष रूप से उपस्थित रहे. कार्यक्रम का संचालन सुदीप कवि के नेतृत्व में किया गया, जिसमें ब्रजेंद्र पट्टनायक, नीरज पटनायक और उपाध्यक्ष अविनाश कवि सहित बड़ी संख्या में स्थानीय कलाकारों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया.
कलाकारों ने बताया कि चैत्र पर्व उनके लिए विशेष महत्व रखता है. किसी भी नृत्य साधना या शुभ कार्य की शुरुआत माता के आशीर्वाद से ही की जाती है. यह परंपरा न केवल उनकी आस्था को मजबूत करती है, बल्कि कलाकारों के बीच भाईचारे और एकता का संदेश भी देती है.

