सरायकेला: बुधवार को कांग्रेस की बैठक के दौरान उस वक्त बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जब आदित्यपुर नगर निगम वार्ड-17 की नवनिर्वाचित पार्षद एवं पूर्व कांग्रेस नेत्री नीतू शर्मा ने पार्टी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए भरी बैठक में ही सम्मान लौटा दिया.

सर्किट हाउस में आयोजित इस बैठक में निकाय चुनाव में मिली हार और आगामी एसआईआर की समीक्षा की जा रही थी. इसी दौरान उपस्थित नेताओं द्वारा नीतू शर्मा को चुनाव में जीत के लिए सम्मानित किया गया, लेकिन उन्होंने यह सम्मान स्वीकार करने से इनकार कर दिया. उन्होंने बैठक में दिए गए गुलदस्ता और प्रणाम पत्र को वहीं छोड़ते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और बैठक से बाहर निकल गईं.
नीतू शर्मा ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पार्टी के ही कुछ नेता ‘स्लीपर सेल’ के रूप में काम करते हुए अन्य दलों के प्रत्याशियों का समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग पार्टी के भीतर रहकर संगठन को कमजोर कर रहे हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला कार्यकर्ताओं का चरित्र हनन तक किया जाता है, जो बेहद निंदनीय है.
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह केवल औपचारिक सम्मान के लिए पार्टी से नहीं जुड़ी थीं. पिछले पांच साल से कांग्रेस के चापलूस नेताओं के कारण पार्टी के गतिविधियों से दूर रही. आज जब वह चुनाव जीत चुकी हैं, तो उन्हें सम्मानित कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मांग की कि ऐसे नेताओं की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
बैठक में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रामाश्रय प्रसाद, जिला अध्यक्ष राज बागची, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष संगीता प्रधान, कोषाध्यक्ष जगदीश नारायण चौबे, संतोष सिंह, मुकेश चौधरी, अजीत उर्फ कमल नयन, रानी कालूंडिया, प्रकाश राजू, राजू रजक और ब्रजेश सिंह सहित कई नेता मौजूद थे. हालांकि पूरे घटनाक्रम के दौरान अधिकांश नेता चुप्पी साधे रहे. बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने आगामी कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी और संगठन को मजबूत करने की बात कही, लेकिन नीतू शर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई. इसकी चर्चा जोरों पर है.

