सरायकेला/ Pramod Singh चांडिल के सिंहभूम कॉलेज में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के तहत आयोजित दो मंजिला भवन के उद्घाटन समारोह को लेकर अब सियासी विवाद गहराता जा रहा है. कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री सह रांची लोकसभा सांसद संजय सेठ को आमंत्रित नहीं किए जाने पर भारतीय जनता पार्टी ने इसे गंभीर प्रोटोकॉल उल्लंघन करार दिया है.

भाजपा जिला अध्यक्ष हरे कृष्णा प्रधान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए PM-USHA अधिकारियों, कोल्हन यूनिवर्सिटी प्रशासन और सिंहभूम कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने इसे केंद्रीय मंत्री के अपमान से जोड़ते हुए कहा कि यह प्रोटोकॉल की खुली अनदेखी है. उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम केंद्र सरकार की योजना के तहत आयोजित था, लेकिन मंच के पोस्टर में न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर शामिल की गई और न ही स्थानीय सांसद सह केंद्रीय मंत्री संजय सेठ का नाम दर्शाया गया. इतना ही नहीं, उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित भी नहीं किया गया.
हरे कृष्णा प्रधान ने कहा कि सरकारी प्रोटोकॉल के अनुसार किसी भी केंद्रीय प्रायोजित योजना के कार्यक्रम में संबंधित केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद को आमंत्रित करना अनिवार्य होता है. साथ ही मंच के पोस्टर पर प्रधानमंत्री और जनप्रतिनिधियों का नाम प्रमुखता से दर्शाना भी जरूरी होता है.
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वर्ष 2023 में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) का नाम बदलकर PM-USHA कर दिया गया है, इसके बावजूद कार्यक्रम में पुराने नाम का उपयोग क्यों किया गया. इसे उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण बताया.
भाजपा जिला अध्यक्ष ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के समक्ष उठाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की चूक दोबारा न हो. फिलहाल निमंत्रण से लेकर नाम तक की अनदेखी का यह मामला अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है.

