राजनगर: सरायकेला- खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत भुईयानाचना के अशोकपुर गांव में मां श्मशान काली की वार्षिक पूजा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. आगामी 8 नवंबर की रात यहां विशेष धार्मिक अनुष्ठान के बीच मां श्मशान काली की पूजा-अर्चना की जाएगी. यहां मां की आराधना पारंपरिक तांत्रिक पद्धति से किए जाने की परंपरा है. वर्ष 1999 में शुरू हुई यह पूजा आज भी श्रद्धा और आस्था के साथ जारी है.


दूर-दराज से पहुंचते हैं श्रद्धालु
अशोकपुर की श्मशान काली पूजा का क्षेत्र में विशेष धार्मिक महत्व बताया जाता है. प्रत्येक वर्ष सरायकेला- खरसावां के साथ झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. स्थानीय मान्यता है कि मां के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है. श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति के लिए पूजा-अर्चना करते हैं.
कलश यात्रा के बाद रात में विशेष पूजा
आयोजन के तहत 8 नवंबर की संध्या कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें गांव की महिलाओं, पुरुषों और युवाओं के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे. कलश यात्रा के बाद रात में विधि-विधान एवं पारंपरिक तांत्रिक पद्धति से मां श्मशान काली की विशेष पूजा की जाएगी.
श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग सहित अन्य इंतजाम
संभावित भीड़ को देखते हुए आयोजन स्थल और आसपास साफ-सफाई के साथ वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है. आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए स्थानीय ग्रामीण एवं युवा जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं.

आयोजन की तैयारियों में शिवा महतो, रोहित महतो, अजय महतो, भरत महतो, विश्वजीत महतो, तूफान सरदार, अमित सरदार और नयन महतो सहित अन्य ग्रामीण जुटे हुए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1999 से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा को आगे भी श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकजुटता के साथ जारी रखा जाएगा.
रिपोर्ट: रासबिहारी मंडल

