
चांडिल: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की PGT सहायक आचार्य भर्ती प्रक्रिया के दौरान नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग करने का मामला सामने आया है. इस घटना के बाद भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है.


जानकारी के अनुसार आरोपी ने स्वयं को JSSC से जुड़ा हुआ बताते हुए एक अभ्यर्थी से संपर्क किया. उसने दावा किया कि निर्धारित राशि देने पर उसकी नियुक्ति सुनिश्चित कराई जा सकती है. आरोपी ने अभ्यर्थी से मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र और एक चेक भी मांगा तथा शेष राशि चयन के बाद देने की बात कही.

अभ्यर्थी को आरोपी की बातों पर संदेह हुआ. इसके बाद उसने सूझबूझ का परिचय देते हुए आरोपी को दस्तावेज लेने के बहाने मिलने के लिए बुलाया. तय स्थान पर पहुंचते ही स्थानीय लोगों की मदद से आरोपी को पकड़ लिया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार. आरोपी के पास से कई अन्य अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक दस्तावेज भी मिलने की बात सामने आई है. हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. बरामद दस्तावेजों की जांच की जा रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है.
घटना ऐसे समय सामने आई है. जब राज्य में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. अभ्यर्थियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है. उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति आयोग का कर्मचारी बनकर नौकरी दिलाने का दावा कर रहा था. तो यह जानना जरूरी है कि उसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है या नहीं. फिलहाल पुलिस आरोपी की वास्तविक पहचान. उसके नेटवर्क तथा अन्य अभ्यर्थियों के दस्तावेज उसके पास कैसे पहुंचे. इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी.
रिपोर्ट: विकास ठाकुर





