जामताड़ा: के गांधी मैदान स्थित समाज कल्याण समिति कार्यालय परिसर में बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली, कथित अवैध वसूली तथा शहर की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र के विभिन्न हाट-हटिया, खुदरा दुकानदारों और व्यवसायियों से जुड़े मामलों में लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है.


वीरेंद्र मंडल ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों से नगर पंचायत अध्यक्ष के परिजनों द्वारा शहर के विभिन्न हाट-हटिया, गुदरी हटिया, बकरा-बकरी हटिया, बस स्टैंड परिसर, गांधी मैदान के आसपास लगने वाले खुदरा दुकानदारों, सब्जी विक्रेताओं, पुराना हटिया परिसर तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर व्यवसाय करने वाले लोगों से कथित रूप से अवैध वसूली की जा रही है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई प्रबुद्ध नागरिकों ने उपायुक्त को आवेदन देकर जांच की मांग की है.
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आवेदन देने के बाद उन पर दबाव बनाया जाने लगा. मंडल ने दावा किया कि शिकायतकर्ता मुकेश कुमार सिंह के साथ मंगलवार शाम नगर पंचायत कार्यालय के समीप गायछंद मोड़ पर कथित रूप से मारपीट, धमकी और आवेदन वापस लेने का दबाव बनाने की घटना हुई. साथ ही एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने का भी आरोप लगाया गया है. उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं को डराने के उद्देश्य से उनके विरुद्ध झूठे मुकदमे दर्ज कराने का प्रयास किए जाने की भी बातें सामने आई हैं.
पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि पत्रकारों द्वारा जानकारी लेने पर वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी ने किसी भी हटिया की बंदोबस्ती और शुल्क वसूली से इनकार किया था. इसके बावजूद पिछले तीन महीनों से कथित रूप से फर्जी रसीदों के माध्यम से वसूली किए जाने के आरोप सामने आए हैं, जो गंभीर जांच का विषय है.
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में नगर पंचायत बोर्ड भंग होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था के तहत राजस्व संग्रह के लिए सरकारी कर्मियों को अधिकृत किया गया था. नई बोर्ड के गठन के बाद वह व्यवस्था स्वतः समाप्त हो गई. इसके बावजूद कथित रूप से कुछ लोगों द्वारा वसूली का कार्य जारी रखा गया.
नगर पंचायत की वर्तमान व्यवस्था पर निशाना साधते हुए वीरेंद्र मंडल ने कहा कि चुनाव के दौरान किए गए कई वादे अब तक धरातल पर नहीं उतर सके हैं. उन्होंने शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई इलाकों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है. नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही है और खुले मैनहोल आम लोगों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकते हैं.
अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि उनके नेतृत्व में नगर पंचायत ने विकास और स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए थे. उन्होंने कहा कि दानपत्र भूमि पर रहने वाले पांच हजार से अधिक लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया गया था. इसके अलावा मैथन डैम से जामताड़ा जलापूर्ति योजना, आधुनिक बस स्टैंड, स्वामी विवेकानंद पार्क तथा वृहद कचरा प्रबंधन प्रणाली जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए टेंडर और कार्यादेश जारी किए गए थे.
प्रेस वार्ता के अंत में वीरेंद्र मंडल ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने तथा व्यवसायियों एवं शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.
इस अवसर पर गौर बाउरी, बादल महतो, मुकेश कुमार सिंह, विनय मिश्रा, गुंजन सिंह, भुवन महतो, तपन मंडल सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

