
जामताड़ा: अमर शहीद डीएसपी प्रमोद कुमार की 18वीं पुण्यतिथि मंगलवार को उनके पैतृक आवास मिहिजाम के कुर्मीपाड़ा में श्रद्धा एवं सादगीपूर्ण वातावरण में मनाई गई. इस अवसर पर परिजनों, स्थानीय लोगों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके अदम्य साहस तथा सर्वोच्च बलिदान को स्मरण किया.


पुण्यतिथि कार्यक्रम में डॉ. एल.एन. प्रसाद, शिव शंकर प्रसाद, शबनम देवी, मनीष कुमार, अनिमेष कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. सभी ने शहीद प्रमोद कुमार के चित्र एवं प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. परिजनों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर उन्हें नमन किया. वहीं, डाकबंगला परिसर स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर भी स्थानीय लोगों ने पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए.
गौरतलब है कि प्रमोद कुमार झारखंड पुलिस में डीएसपी के पद पर कार्यरत थे और वर्ष 2008 में बुंडू अनुमंडल में एसडीपीओ के रूप में तैनात थे. उस दौरान वे एक बड़े लूटकांड के खुलासे को लेकर लगातार अभियान चला रहे थे. 30 जून 2008 को हूल दिवस के दिन जांच के सिलसिले में जंगल के रास्ते से गुजरने के दौरान नक्सलियों द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंग में उनकी सरकारी गाड़ी विस्फोट का शिकार हो गई. इस भीषण घटना में डीएसपी प्रमोद कुमार सहित कई पुलिसकर्मी शहीद हो गए. यह घटना राज्य के लिए एक बड़ी क्षति मानी जाती है.
शहीद की भाभी मंजू देवी ने भावुक होकर कहा कि प्रमोद कुमार की कमी परिवार में कभी पूरी नहीं हो सकती. आज भी पूरा परिवार उन्हें याद कर भावुक हो जाता है. हालांकि इस बात का गर्व है कि उन्होंने देश और राज्य की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया.
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शहीद प्रमोद कुमार के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की भावना को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल






