सरायकेला: जिले के चांडिल अनुमंडल में कुड़मालि भाषा को उच्च शिक्षा से जोड़ने की मांग तेज हो गई है. जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने मंगलवार को कोल्हान विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अंजिला गुप्ता और कुल सचिव डॉ. रंजीत कुमार कर्ण से मुलाकात कर सिंहभूम कॉलेज चांडिल में नए शैक्षणिक सत्र से कुड़मालि भाषा की पढ़ाई शुरू कराने की मांग की.


सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि चांडिल अनुमंडल की मातृभाषा कुड़मालि होने के बावजूद क्षेत्र के एकमात्र महाविद्यालय सिंहभूम कॉलेज में अब तक इस विषय की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है. इसके कारण हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है.
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को बताया कि क्षेत्र के अधिकांश मध्य विद्यालय, उच्च विद्यालय और प्लस टू विद्यालयों में वर्षों से कुड़मालि भाषा पढ़ाई जा रही है, लेकिन कॉलेज स्तर पर इसकी व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. आर्थिक और परिवहन संबंधी समस्याओं के कारण कई छात्र अपनी मातृभाषा में आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते हैं.
जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने कहा कि कुड़मालि केवल एक भाषा नहीं बल्कि क्षेत्र की पहचान, संस्कृति और सामाजिक विरासत का आधार है. उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र की बड़ी आबादी कुड़मालि बोलती है, वहां के एकमात्र कॉलेज में इस विषय की पढ़ाई नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है.
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि नए शैक्षणिक सत्र से ही सिंहभूम कॉलेज चांडिल में कुड़मालि विषय की पढ़ाई शुरू की जाए, ताकि स्थानीय विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सके.
कुलपति डॉ. अंजिला गुप्ता और कुल सचिव डॉ. रंजीत कुमार कर्ण ने मांग को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक प्रक्रिया के तहत सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया. इस दौरान डॉ. विभीषण महतो, पंचानन महतो, बिमल चंद्र महतो, धनंजय महतो, जितेंद्र महतो सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
रिपोर्ट: प्रमोद सिंह

