रांची: झारखंड में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिलने जा रही है. राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति “नई दिशा–एक नई पहल” से प्रभावित होकर 16 शीर्ष नक्सली मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण करेंगे. सभी नक्सली झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा के समक्ष मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लेंगे.



आत्मसमर्पण के दौरान नक्सली अपने पास मौजूद 11 अत्याधुनिक हथियार और 1500 से अधिक जिंदा गोलियां पुलिस के हवाले करेंगे. पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह आत्मसमर्पण नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है और इससे प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी.
पुलिस का कहना है कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास, रोजगार और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. अधिकारियों का मानना है कि लगातार चल रहे अभियान और विकास कार्यों के कारण उग्रवादी संगठन कमजोर हो रहे हैं तथा बड़ी संख्या में नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं.
गौरतलब है कि इससे पहले 21 मई को भी 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था. लगातार हो रहे आत्मसमर्पण को झारखंड पुलिस नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है.





