
जामताड़ा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA), रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), जामताड़ा की ओर से मंगलवार को सदर अस्पताल परिसर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य एसिड अटैक पीड़ितों के अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, मुआवजा, पुनर्वास और चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में लोगों को जागरूक करना था. कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. शिवकुमार मिश्रा ने की.


शिविर को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव पवन कुमार ने कहा कि एसिड अटैक पीड़ितों को कानून के तहत निःशुल्क कानूनी सहायता, बेहतर चिकित्सा सुविधा, मुआवजा और पुनर्वास का अधिकार प्राप्त है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को बिना किसी हिचक के जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करना चाहिए, ताकि उन्हें समय पर न्याय और आवश्यक कानूनी सहायता मिल सके.
उन्होंने चिकित्साकर्मियों और आम नागरिकों से अपील की कि एसिड अटैक पीड़ितों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाएं तथा उन्हें उचित कानूनी और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करें. उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाकर ही इस तरह की घटनाओं की रोकथाम और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं.
एलएडीसी अधिवक्ता अर्जित बोस ने एसिड अटैक से संबंधित कानूनों, दंडात्मक प्रावधानों तथा पीड़ितों को उपलब्ध कानूनी संरक्षण की विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा केवल कानून की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है.
शिविर के दौरान चिकित्सकों, अस्पताल कर्मियों और उपस्थित लोगों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया. साथ ही प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं और कानूनी सहायता की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई.
कार्यक्रम में अधिकार मित्र अमित कुमार मिश्रा, आनंद महतो, मेघा गुप्ता, विश्वजीत पाल, राजेश दत्त, निताई मंडल सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





