जामताड़ा: जिले के ऊदलाबनी पंचायत अंतर्गत ग्राम दुखकेवड़ा टोला सहरबेड़ा में रविवार को जन सेवा पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पार्टी संयोजक राकेश लाल के नेतृत्व में पहुंचा. प्रतिनिधिमंडल ने 12 जून को 40 वर्षीय आदिवासी युवक मोनू टुडू की मौत के मामले में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई.


परिजनों के अनुसार, 12 जून को मोनू टुडू की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी. आरोप है कि काफी देर तक एम्बुलेंस का इंतजार करने के बावजूद वाहन उपलब्ध नहीं हो सका. मजबूरी में परिजन उन्हें ट्रैक्टर पर खटिया में लादकर जामताड़ा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी तत्काल इलाज शुरू नहीं किया गया और पर्ची कटाने की प्रक्रिया में देरी हुई, जिसके कारण मोनू टुडू की मौत हो गई.
मौके पर जन सेवा पार्टी के संयोजक राकेश लाल ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल स्थिति में हैं और जामताड़ा सदर अस्पताल में लापरवाही, अव्यवस्था तथा भ्रष्टाचार चरम पर है. उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर मरीजों को समय पर एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो रही है.

राकेश लाल ने यह भी आरोप लगाया कि पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह दावा कर रहे हैं कि मोनू टुडू की मौत गांव में ही हो गई थी, जबकि परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि मरीज को ट्रैक्टर से अस्पताल लाया गया था और इलाज में देरी के कारण उसकी जान गई.
जन सेवा पार्टी ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और जामताड़ा उपायुक्त से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पीड़ित संथाल आदिवासी परिवार को न्याय दिलाने तथा उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है. पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ पुतला दहन और घेराव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.
इस दौरान जिला प्रवक्ता छोटेलाल मंडल समेत विजय मरांडी, सफीक अंसारी, बिमल टुडू, जिलाल बास्की, विनोद मरांडी, मिथुन हेंब्रम और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

