जामताड़ा/ Manish Baranwal नगर के राजपल्ली स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में हिंदू सम्मेलन समारोह समिति (अंबेडकर बस्ती) के तत्वावधान में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में स्वामी सीतारामशरण जी महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया.

अपने ओजस्वी भाषण में उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति पर युगों- युगों से प्रहार होते रहे हैं, लेकिन इसे बचाने के लिए समय- समय पर ईश्वर अवतरित होते रहे हैं. उन्होंने कहा कि कलयुग में संगठन ही सबसे बड़ी शक्ति है और सभी सनातनियों, संतों, महंतों व संगठनों को एक मंच पर आकर एकजुटता दिखानी चाहिए. उन्होंने समाज से ऊंच- नीच और छुआछूत जैसे भेदभाव को समाप्त कर समरसता स्थापित करने की अपील की.
स्वामी जी ने कहा कि समाज में आपसी सहयोग और भाईचारा बढ़ाना जरूरी है. सभी को एक साथ बैठकर सामूहिक भोजन करने और एक-दूसरे के सुख- दुख में सहभागी बनने की आवश्यकता है.
उन्होंने बच्चों के संस्कारों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उन्हें बचपन से ही भगवद गीता और रामायण की शिक्षा दी जानी चाहिए, ताकि वे अपनी संस्कृति से जुड़े रहें. इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए हर व्यक्ति को अपने जीवन के विशेष अवसरों पर कम से कम एक पेड़ लगाने और घर में तुलसी का पौधा रखने की अपील की.
सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने सामाजिक एकता और सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प लिया.
इस अवसर पर आयोजन समिति के संरक्षक राजा नित्यगोपाल सिंह, संयोजक सुशील हरि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत घुमन्तु प्रमुख वासुदेव यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.

