
जामताड़ा: जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली को लेकर उपायुक्त सह जिला समुचित प्राधिकारी (पीसी एंड पीएनडीटी) आलोक कुमार ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है. उपायुक्त कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत जिला सलाहकार समिति की बैठक में उन्होंने अल्ट्रासाउंड केंद्रों से जुड़े मामलों में गंभीर लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई.


बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में संचालित सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जानकारी ली और केंद्रवार लाइसेंस अवधि की समीक्षा की.
समिति के समक्ष आए 03 आवेदनों (02 नवीनीकरण एवं 01 नया आवेदन) की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत निर्धारित प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया गया है. इस पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि नवीनीकरण के लिए आवेदन लाइसेंस अवधि समाप्त होने से कम से कम तीन महीने पहले प्राप्त किए जाएं और संबंधित केंद्रों को समय रहते रिमाइंडर भेजा जाए.
उपायुक्त ने कहा कि जिन अल्ट्रासाउंड केंद्रों का लाइसेंस समाप्त हो चुका है, उनकी एक सप्ताह के भीतर सिविल सर्जन और मजिस्ट्रेट के साथ जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए. वहीं बिना पर्याप्त दस्तावेजों के प्राप्त आवेदनों को लिखित रूप से वापस कर सभी जरूरी कागजातों के साथ दोबारा आवेदन लेने का निर्देश दिया.
उन्होंने समिति को निर्देश दिया कि प्राप्त सभी आवेदनों का स्थल निरीक्षण कर 10 दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए. जांच में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
बैठक में उपायुक्त ने जिले में कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रसव पूर्व लिंग जांच करवाना कानूनन अपराध है. यदि जिले के किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र की इसमें संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत कोई भी चिकित्सक लिंग जांच नहीं कर सकता. बैठक में डॉ शिव प्रसाद मिश्रा, डॉ दिनेश प्रसाद, डॉ निलेश कुमार, डॉ दुर्गेश झा, डीपीएम प्रदीप महतो समेत अन्य संबंधित सदस्य मौजूद रहे.
मुख्य बिंदु
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर उपायुक्त सख्त.
अल्ट्रासाउंड केंद्रों की लाइसेंस प्रक्रिया में अनियमितता उजागर.
पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट पालन नहीं होने पर फटकार.
कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश.
नियमों की अनदेखी करने वाले केंद्रों पर होगी कानूनी कार्रवाई.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल






