
जामताड़ा: जिले में शिक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. उपायुक्त आलोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित जिला शिक्षा स्थापना समिति की बैठक में शिक्षकों के पदस्थापन, स्थानांतरण और विद्यालयों में प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.


बैठक में अंतर जिला स्थानांतरित शिक्षकों के नए पदस्थापन, विद्यालयों के जोन निर्धारण, अतिरिक्त इकाइयों में कार्यरत शिक्षकों के समायोजन, सीएम उत्कृष्ट विद्यालयों में भाषा शिक्षकों की नियुक्ति तथा लंबे समय से एक ही विद्यालय में कार्यरत लिपिकों और अकाउंटेंटों के स्थानांतरण पर विस्तार से चर्चा हुई.
वित्त विभाग की नई गाइडलाइन के अनुरूप उपायुक्त ने निर्देश दिया कि स्वीकृत पदों के विरुद्ध ही वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए. साथ ही जिले के तीन प्रखंडों में स्वीकृत संख्या से अधिक कार्यरत 24 सरप्लस शिक्षकों को अन्य विद्यालयों में पदस्थापित करने का निर्णय लिया गया. लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत शिक्षकों और कर्मियों के तबादले की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी.
बैठक में सीएम उत्कृष्ट विद्यालयों में भाषा शिक्षकों की पदस्थापना, न्यायालय से बरी हुए शिक्षकों को देय लाभ तथा कल्याण आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति जैसे विषयों पर भी निर्णय लिए गए.
उपायुक्त आलोक कुमार ने स्पष्ट कहा कि शिक्षकों की पहली जिम्मेदारी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है. यदि कोई शिक्षक शिक्षण कार्य की उपेक्षा करता है या अनावश्यक गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा के मामले में जिला प्रशासन शून्य सहनशीलता की नीति पर काम करेगा.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





