जामताड़ा: आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए जामताड़ा उपायुक्त आलोक कुमार ने साप्ताहिक जनता दरबार में प्रशासन का संवेदनशील और मानवीय चेहरा पेश किया. जनता दरबार में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को उन्होंने गंभीरता से सुना और कई मामलों में तत्काल समाधान की दिशा में कार्रवाई के निर्देश दिए.

उपायुक्त कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे 40 से अधिक लोगों ने अंबेडकर आवास, भूमि विवाद, गलत वंशावली, भू- अर्जन मुआवजा, बिजली कनेक्शन, मनरेगा भुगतान, जन्म प्रमाण पत्र, अवैध कब्जा और आंगनबाड़ी चयन से जुड़ी समस्याएं रखीं. उपायुक्त ने सभी मामलों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर लोगों को राहत भी दी गई.
जनता दरबार के दौरान एक भावुक क्षण तब आया जब बिहार के भोजपुर से पहुंचे एक पशुपालक ने अपनी 13 दुधारू गायों के जब्त होने और गौशाला में उनकी खराब स्थिति की जानकारी देते हुए रोते- रोते अपनी पीड़ा सुनाई. फरियादी की बात सुन उपायुक्त ने तुरंत अनुमंडल पदाधिकारी से जानकारी ली और नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई करते हुए पशुओं को सुपुर्द करने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया. वहीं एक बच्ची ने बताया कि 2010 में सदर अस्पताल में जन्म होने के बावजूद दस्तावेजों के अभाव में उसका जन्म प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है. इस पर उपायुक्त ने तत्काल एसडीओ को कार्रवाई कर प्रमाण पत्र निर्गत करने का निर्देश दिया.
केसीसी ऋण माफी की उम्मीद लेकर पहुंची एक महिला ने पति की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद आर्थिक तंगी की बात बताई. महिला की स्थिति सुन उपायुक्त भावुक हो गए और जिला कृषि पदाधिकारी व एलडीएम को राहत संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
उपायुक्त आलोक कुमार ने स्पष्ट कहा कि आम लोगों की समस्याओं के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सभी मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल



