जामताड़ा: चिरेका कर्मचारी संघ की ओर से मंगलवार को TM गेट के सामने एक महत्वपूर्ण गेट मीटिंग आयोजित की गई. बैठक में केंद्र सरकार और रेलवे बोर्ड द्वारा स्वीकृत पदों को सरेंडर और री- डिस्ट्रीब्यूट करने के निर्देश का जोरदार विरोध किया गया.

संघ के नेताओं ने बताया कि 24 अप्रैल 2026 को जारी निर्देश के तहत भारतीय रेल में कुल स्वीकृत पदों के करीब 2 प्रतिशत यानी लगभग 30 हजार पदों को सरेंडर अथवा री- डिस्ट्रीब्यूट करने की योजना बनाई गई है. इसका असर विभिन्न जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट पर पड़ेगा. चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (CLW) में भी करीब 214 पद प्रभावित होने की आशंका जताई गई है.
चिरेका कर्मचारी संघ ने कहा कि इस फैसले से आने वाली पीढ़ियों के रोजगार के अवसर कम होंगे. संघ ने मांग की कि सरकार रोजगार घटाने के बजाय नई बहाली और रोजगार सृजन पर ध्यान दे. नेताओं ने कहा कि भारतीय रेल देश में रोजगार देने वाला सबसे बड़ा संस्थान रहा है और पदों में कटौती युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है.
बैठक के दौरान कर्मचारियों से जुड़े कई स्थानीय मुद्दे भी उठाए गए. इसमें रेलवे क्वार्टरों का नवीनीकरण, चिरेका क्षेत्र की कानून- व्यवस्था, एसी लगाने के नाम पर कर्मचारियों से लिए गए अतिरिक्त पैसे की वापसी समेत अन्य समस्याओं पर चर्चा हुई.
कार्यक्रम का संचालन चिरेका कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दिनेश पाठक ने किया. वहीं भारतीय रेलवे मजदूर संघ के उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी पांडे ने कर्मचारियों को वर्तमान परिस्थितियों की जानकारी दी. कार्यकारिणी अध्यक्ष आशीष मुखर्जी ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल



