आदित्यपुर: नगर निगम क्षेत्र में मंगलवार को चला अतिक्रमण हटाओ अभियान अब सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि शहर की गलियों में चर्चा और चाय की दुकानों पर व्यंग्य का सबसे बड़ा विषय बन चुका है. वर्षों बाद लोगों ने देखा कि चिलचिलाती धूप में कोई अधिकारी सिर्फ फाइलों में नहीं, बल्कि सड़क पर उतरकर सरकार का झंडा बुलंद कर रहा था.

उपनगर आयुक्त पारुल सिंह ने मुट्ठी भर फोर्स और पुलिस अधिकारियों के साथ टाटा- कांड्रा मुख्य सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड को अतिक्रमण मुक्त कराकर यह साबित कर दिया कि अगर इरादा मजबूत हो तो पांच घंटे काफी होते हैं पूरे सिस्टम को आईना दिखाने के लिए. दिलचस्प बात यह रही कि अभियान के दौरान फोन की घंटियां लगातार बजती रहीं. कोई “देख लीजिए” कह रहा था, तो कोई “वहां छोड़ दीजिए” की पैरवी कर रहा था. मगर दूसरी ओर सरायकेला अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश का साफ संदेश था- कार्रवाई रुकेगी नहीं. फिर क्या था. अचानक समाज के स्वयंभू ठेकेदार और एक नव निर्वाचित माननीय एस टाइप चौक पर प्रकट हुए. दोनों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ पान दुकान चौक में “विशेष अभियान” चलाने का सुझाव दिया और यह सोचकर निकल गए कि शायद तीर निशाने पर लग चुका है.
लेकिन प्रशासनिक बुलडोजर राजनीति और पैरवी की जीपीएस से नहीं चलता. जैसे- जैसे अभियान आगे बढ़ा, आकाशवाणी चौक से बुलडोजर ने ऐसी करवट ली कि पान दुकान चौक पीछे छूट गया और सीधे पहुंच गया वहां, जहां शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. नतीजा यह हुआ कि समाज के ठेकेदार का अपना भवन ही अतिक्रमण की जद में आ गया और बुलडोजर ने बिना भेदभाव उनके अतिक्रमण को भी धराशायी कर दिया.
बताया जाता है कि इसी बीच किसी एयरकंडीशन ऑफिस से फोन आया- “वहां क्या हुआ जहां कार्रवाई की बात कही गई थी ?” जवाब मिला- “जी सर, ढाह दिया गया.” अब फोन करने वाले साहब को क्या पता था कि तीर घूमकर अपने ही खेमे में लग चुका है.
अभियान खत्म होते-होते कई लोगों के चेहरे की चमक गायब हो चुकी थी. जो लोग बुलडोजर को दूसरों की तरफ मोड़ना चाहते थे, वे खुद मलबे के सामने खड़े दिखाई दिए. वहीं आम जनता इस कार्रवाई की खुलकर सराहना कर रही है. लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह निष्पक्ष कार्रवाई जारी रही तो आदित्यपुर की सड़कें फिर से सड़क जैसी दिखने लगेंगी. अब शहरवासियों की निगाहें थाना रोड, जियाडा के पीछे और शहरी स्वास्थ्य केंद्र के सामने जमे अतिक्रमण पर टिक गई हैं. जनता इंतजार में है कि अगला बुलडोजर वहां कब पहुंचेगा.



