जामताड़ा: खनिज संपदा अधिनियम संशोधित बिल 2026 के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस की ओर से जामताड़ा शहर के गांधी चौक पर एक दिवसीय जन आंदोलन सह धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया. कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपिका बेसरा के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी समेत कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और संशोधित बिल को तत्काल वापस लेने की मांग की.


धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने छल-कपट के जरिए इस बिल को पारित कराया है. मंत्री ने कहा कि जिस समय झारखंड में छात्र अपने अधिकार और भविष्य को लेकर आंदोलन कर रहे थे और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार छात्रों के साथ वार्ता कर रही थी, उसी दौरान केंद्र सरकार ने यह बिल पारित कर दिया.
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और राज्य की अर्थव्यवस्था में खनिज संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका है. ऐसे में संशोधित कानून लागू होने से झारखंड के हितों और जनता के अधिकारों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. उन्होंने आशंका जताई कि बिल लागू होने की स्थिति में राज्य की जनता को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है.
स्वास्थ्य मंत्री ने भाजपा नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार को जनहित में इस कानून को वापस लेना चाहिए. यदि बिल वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस इससे भी बड़ा आंदोलन करेगी. उन्होंने कहा कि गुरुवार का आंदोलन महज शुरुआत है. आने वाले दिनों में कांग्रेस जनता के हितों और झारखंड के अधिकारों को लेकर व्यापक संघर्ष करेगी.
धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संशोधित बिल वापस लेने की मांग दोहराई और केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

