जामताड़ा: कुरुवा साप्ताहिक हटिया में धार्मिक टिप्पणी से जुड़े कथित वीडियो के वायरल होने के बाद शुरू हुआ विवाद थानारडीह गांव तक पहुंच गया. वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर कथित अभद्र टिप्पणी किए जाने की बात सामने आई. इसके बाद शनिवार रात बड़ी संख्या में लोग थानारडीह निवासी भूदेव महतो के घर पहुंच गए और घर को घेर लिया. इस दौरान कथित रूप से तोड़फोड़ भी की गई. स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और पुलिस वाहन में तोड़फोड़ किए जाने की बात भी सामने आई है. घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है.


जानकारी के अनुसार, 21 अगस्त को कुरुवा साप्ताहिक हटिया से धार्मिक टिप्पणी से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. मामले में हिंदू संगठनों की लिखित शिकायत के आधार पर कर्माटांड़ पुलिस ने अफरोज आलम को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. इसके बाद थानारडीह निवासी भूदेव महतो की ओर से कथित टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया. इसी को लेकर शनिवार रात बड़ी संख्या में लोग उसके घर पहुंच गए.
पुलिस ने युवक को सुरक्षित निकाला
घटना की सूचना मिलते ही कर्माटांड़ थाना प्रभारी अलखनाथ चौबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने घिरे हुए भूदेव महतो को सुरक्षित घर से बाहर निकाला. इस दौरान पुलिस के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की किए जाने और पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त किए जाने की बात सामने आई है. पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को और बिगड़ने से रोक लिया गया.

घटना की जानकारी मिलने पर एसडीपीओ वसीम रज़ा, एसडीओ अनंत कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान, अंचल अधिकारी चुनाराम हेंब्रम समेत कई समाजसेवी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया. तनाव को देखते हुए थानारडीह गांव और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई है.
शांति समिति की बैठक में सौहार्द बनाए रखने की अपील
घटना के बाद रविवार को कर्माटांड़ थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों के अलावा जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग शामिल हुए. अधिकारियों ने लोगों से आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखने की अपील की. साथ ही किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ या आपत्तिजनक सामग्री साझा नहीं करने की अपील की गई.
नावाडीह पंचायत के मुखिया गुल मोहम्मद ने शनिवार रात हुई घटना की निंदा की. उन्होंने क्षेत्र में गांजा, शराब और जुआ के बढ़ते कारोबार पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
कानून हाथ में लेने वालों पर होगी कार्रवाई
एसडीपीओ वसीम रज़ा ने कहा कि अफरोज आलम की कथित धार्मिक टिप्पणी का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की थी. इसके बाद भूदेव महतो द्वारा भी कथित टिप्पणी किए जाने की बात सामने आई. इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने उसके घर को घेर लिया. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाला.
उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ कथित अभद्र व्यवहार और पुलिस वाहन में तोड़फोड़ की घटना को गंभीरता से लिया गया है. पुलिस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
विहिप ने भीड़ की कार्रवाई को बताया निंदनीय
विश्व हिंदू परिषद के अनूप राय ने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं को लेकर कथित अभद्र टिप्पणी का वीडियो वायरल होने के बाद संगठन ने शांतिपूर्ण तरीके से थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी. उन्होंने कहा कि बाद में किसी व्यक्ति की कथित टिप्पणी के आधार पर उसके घर को घेरना और परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि उग्र भीड़ की ऐसी कार्रवाई से किसी की जान को खतरा हो सकता था.
जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि महेंद्र मंडल ने भी घटना की निंदा की. उन्होंने कहा कि वह मौके पर मौजूद थे और बड़ी संख्या में लोगों द्वारा भूदेव महतो के घर को घेरना गंभीर और चिंताजनक घटना है.
बिजली काटकर हमला करने का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना से पहले थानारडीह गांव में बिजली काट दी गई थी. इसके बाद अंधेरे का फायदा उठाकर भीड़ द्वारा भूदेव महतो के घर पर हमला किए जाने का आरोप है. हमले में घर को काफी नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है. हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत पुष्टि नहीं की गई है.
फिलहाल पुलिस प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है. क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और लोगों से शांति एवं आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की जा रही है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली कथित टिप्पणी हो या कानून हाथ में लेकर हिंसा करने का प्रयास, दोनों मामलों में दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

