जामताड़ा: महाविद्यालय का स्थापना दिवस गुरुवार को महाविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. कौशल, प्रो. डॉ. प्रीति कुमारी, प्रो. डॉ. ऋषिकेश, प्रो. डॉ. अनिल टेटे तथा प्रधान सहायक समीर झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.



इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रगति, उपलब्धियों और शिक्षा के क्षेत्र में उसके योगदान पर प्रकाश डाला गया. विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कविता पाठ, भाषण एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
प्रतिभागियों ने शिक्षा, समाज, राष्ट्र निर्माण और युवा शक्ति जैसे विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं. प्रतियोगिताओं के समापन के बाद विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया.
शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बौद्धिक, सांस्कृतिक और नैतिक विकास भी जीवन में समान रूप से महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और रचनात्मक क्षमता को विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं.
प्राचार्य प्रो. कौशल ने अपने संबोधन में कहा कि महाविद्यालय का स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि संस्थान की गौरवशाली परंपरा, उपलब्धियों और मूल्यों को स्मरण करने का अवसर है. उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल को निखारती हैं तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं.
कार्यक्रम का समापन विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण, शिक्षकों के शुभकामना संदेश तथा महाविद्यालय के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ हुआ.
इस अवसर पर प्रो. डॉ. वीरेंद्र कुमार सिंह, डॉ. मोहम्मद रिजवान, नीलम कुजूर, डॉ. शंकर पाण्डेय, डॉ. मालती मांझी, रेशमा टोप्पो सहित कर्मी अंजू मुर्मू, भोला दास, मधुसूदन साधु, मीरा कुमारी, अनिकेत शर्मा एवं अन्य उपस्थित थे.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





