जामताड़ा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जामताड़ा की ओर से झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, कर्माटांड़ में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं, शिक्षिकाओं एवं पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLV) ने सक्रिय सहभागिता की.


कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को NALSA Child-Friendly Legal Services for Children Scheme, 2024, NALSA ASHA Scheme, 2025 एवं NALSA Jagriti Scheme, 2025 के संबंध में जानकारी दी गई. छात्राओं को बाल अधिकार, बाल संरक्षण, सुरक्षित वातावरण तथा निःशुल्क विधिक सहायता के प्रावधानों से अवगत कराया गया. साथ ही शोषण, उत्पीड़न अथवा बाल अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में उपलब्ध सहायता और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी गई. LADC अधिवक्ता सरिता कुमारी बर्मन ने छात्राओं को बच्चों के कानूनी एवं संवैधानिक अधिकारों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, सम्मान, संरक्षण और शिक्षा का अधिकार है. उन्होंने छात्राओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी समस्या या अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में उचित माध्यम से विधिक सहायता लेने की अपील की.
उन्होंने NALSA Child-Friendly Legal Services for Children Scheme, 2024 के तहत बच्चों को उपलब्ध विधिक सहायता एवं संरक्षण संबंधी प्रावधानों की भी जानकारी दी. वहीं पैनल अधिवक्ता बबली साव ने POCSO Act, दहेज प्रथा, बाल विवाह एवं लैंगिक समानता से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला. उन्होंने छात्राओं को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण के लिए POCSO एक्ट के प्रावधानों की जानकारी देते हुए किसी भी अनुचित गतिविधि या शोषण की स्थिति में विश्वसनीय व्यक्ति अथवा उचित कानूनी माध्यम से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया.कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया.
नाटक के माध्यम से इन सामाजिक कुरीतियों से होने वाले पारिवारिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया. छात्राओं ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा सामाजिक बदलाव का संदेश दिया। छात्राओं की प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने सराहा.कार्यक्रम में PLV गोपाल मंडल, देवश्री मुर्मू, राजेश बेसरा, मेघा गुप्ता, बाबूराम मरांडी एवं ललटू यादव ने सक्रिय सहयोग किया. विद्यालय की ओर से प्रभारी सहायक शिक्षिका पार्वती, अंजली मुर्मू, सरोजिनी मरांडी, सेउरैना कुमारी, शिखा बाउरी, रीता मंडल, कविता कुमारी एवं पिंकी ठाक सहित अन्य शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं.कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को बाल अधिकार, संवैधानिक अधिकार, POCSO एक्ट, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों तथा उपलब्ध विधिक सहायता और संरक्षण योजनाओं के प्रति जागरूक करना था. कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

