हजारीबाग: जिले के बरकट्ठा प्रखंड अंतर्गत लेवडा- जमुआ क्षेत्र में मंगलवार को मंगला जुलूस के दौरान पुलिस और श्रद्धालुओं के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. घटना में पुलिस अधिकारियों समेत आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए.

जानकारी के अनुसार तुईयो गांव से रामभक्तों का मंगला जुलूस निकला था, जो कपका और बुचई होते हुए लेवडा गांव की ओर बढ़ रहा था. इसी दौरान बरकट्ठा पुलिस ने जुलूस को आगे बढ़ने से रोकते हुए बताया कि उस मार्ग के लिए अनुमति नहीं है और जुलूस को वापस लौटने को कहा.
बताया जा रहा है कि जुलूस में शामिल कुछ महिलाओं ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई. मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों बीडीओ रोशमा डुंगडुंग, अंचलाधिकारी नवीन भूषण कुल्लू, इंस्पेक्टर इमदाद अंसारी और थाना प्रभारी पंकज सिंदुरिया ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ नहीं मानी.
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया, जिसके बाद भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इस दौरान महिला पुलिस बल की अनुपस्थिति के कारण स्थिति और जटिल हो गई और पुलिस को कुछ समय के लिए पीछे हटना पड़ा.
उधर सूचना मिलते ही बरही एसडीओ जोहन टुडू और एसडीपीओ अजीत कुमार बिमल अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया. समाचार लिखे जाने तक पुलिस बल मौके पर तैनात है. फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है. घटना में इंस्पेक्टर इमदाद अंसारी, थाना प्रभारी पंकज सिंदुरिया समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. वहीं ग्रामीणों में शांति देवी, रेणु देवी, कलावती देवी, मलवा देवी, बानो खातून, मो. मसूर आलम और मो. खलील गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं.
घायलों ने आरोप लगाया है कि पथराव के दौरान वे घायल हुए और बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें और चोट पहुंचाई. वहीं कुछ लोगों ने हवाई फायरिंग का भी आरोप लगाया है. हालांकि एसडीपीओ अजीत कुमार बिमल ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए केवल हल्का बल प्रयोग किया गया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस द्वारा न तो महिलाओं के साथ मारपीट की गई और न ही कोई हवाई फायरिंग हुई. एसडीओ जोहन टुडू ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई, जिनकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी.
इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. स्थानीय विधायक अमित कुमार यादव ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए, वहीं माले नेता शेर मोहम्मद ने इसे पुलिस की लापरवाही बताया.
फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है.

