सरायकेला: जिले के गम्हरिया अंचल क्षेत्र के दुग्धा में जमीन विवाद को लेकर आदिवासी परिवारों ने अंचल कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है. प्रभावित परिवारों का दावा है कि वे पिछले करीब 60 वर्षों से संबंधित स्थान पर शांतिपूर्वक निवास करते आ रहे हैं, लेकिन अब उन्हें कथित रूप से जबरन बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है.


मामला मौजा-दुग्धा, थाना नंबर 117, खाता नंबर 179, प्लॉट नंबर 79/1582 की कुल 58.25 डिसमिल जमीन से जुड़ा है. जमीन को लेकर विवाद सामने आने के बाद अनुमंडल दंडाधिकारी, सरायकेला के न्यायालय से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत दोनों पक्षों को नोटिस जारी किया गया है.
परिवारों का दावा- तीन पीढ़ियों से है बसेरा
अंचल कार्यालय पहुंचे आदिवासी परिवारों का कहना है कि उनका इस जमीन से कोई नया संबंध नहीं है. उनके पूर्वज यहां बसे और करीब छह दशक से परिवार शांतिपूर्वक निवास करता आ रहा है. अब अचानक जमीन पर दावा सामने आने और बेदखली की आशंका से परिवारों में चिंता है.
परिवारों ने अंचल प्रशासन से जमीन से संबंधित पुराने अभिलेख, कब्जे की स्थिति और अन्य दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जांच पूरी होने तक उनके आवास और कब्जे की वर्तमान स्थिति से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए.
एसडीओ कोर्ट ने दिया है यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश
जारी नोटिस में दोनों पक्षों के बीच जमीन विवाद के कारण शांति भंग होने की आशंका का उल्लेख करते हुए संबंधित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने को कहा गया है. साथ ही दोनों पक्षों से जमीन से जुड़े दस्तावेजों के साथ न्यायालय में अपना पक्ष रखने को कहा गया है.
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि एसडीओ कोर्ट का यह नोटिस फिलहाल किसी पक्ष के स्वामित्व का अंतिम फैसला नहीं है. प्रभावित परिवारों का 60 वर्षों से निवास करने और जबरन बेदखल किए जाने का दावा भी उनका पक्ष है, जिसकी पुष्टि राजस्व अभिलेखों और प्रशासनिक जांच से होनी बाकी है. अब आदिवासी परिवारों की निगाह अंचल प्रशासन पर टिकी है. उनका कहना है कि वे किसी का हक नहीं चाहते, लेकिन जिस जगह पर पीढ़ियों से उनका बसेरा है, वहां से बिना निष्पक्ष जांच और विधिसम्मत प्रक्रिया के उन्हें नहीं हटाया जाए.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

