जमशेदपुर: टाटा फुटबॉल अकादमी (TFA) का 16वां दीक्षांत समारोह सोमवार को कदमा स्थित कुडी महंती ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया. अकादमी में प्रशिक्षण पूरा करने वाले 15 युवा फुटबॉल खिलाड़ियों को समारोह में सम्मानित किया गया. इसके साथ ही इन खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन और पेशेवर फुटबॉल की दिशा में नए सफर की शुरुआत हुई.


समारोह के मुख्य अतिथि टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) डी. बी. सुंदरा रामम थे. चेन्नइयन एफसी के मुख्य कोच, पूर्व TFA प्रशिक्षु और भारतीय अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर क्लिफोर्ड रेयेस मिरांडा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे.
टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी, टाटा स्टील के चीफ स्पोर्ट्स मुकुल चौधरी और झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन के मानद सचिव गुलाम रब्बानी समेत खेल जगत से जुड़े कई लोग समारोह में उपस्थित थे.
*मैदान की अगली परीक्षा के लिए मिला सफलता का मंत्र*
डी. बी. सुंदरा रामम ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि फुटबॉल के मैदान से लेकर जीवन के सफर तक अनुशासन, टीम भावना, दृढ़ संकल्प और खेल भावना बेहद महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने खिलाड़ियों से इन्हीं मूल्यों को साथ लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि टाटा फुटबॉल अकादमी ने देश की फुटबॉल प्रतिभाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें आगे बढ़ने का मंच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
*कभी TFA के प्रशिक्षु थे मिरांडा, अब नई पीढ़ी को दिया संदेश*
विशिष्ट अतिथि क्लिफोर्ड रेयेस मिरांडा के लिए यह अवसर खास रहा. कभी इसी अकादमी में प्रशिक्षण लेने वाले मिरांडा ने युवा खिलाड़ियों के साथ TFA के अपने दिनों और पेशेवर फुटबॉल के अनुभव साझा किए. उन्होंने खिलाड़ियों से लक्ष्य पर केंद्रित रहने, मुश्किल परिस्थितियों से घबराने के बजाय उनका सामना करने और लगातार मेहनत करते रहने की बात कही.
दीक्षांत समारोह में सभी 15 खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और फुटबॉल के प्रति समर्पण की सराहना की गई. अकादमी की ओर से उन्हें आगे के खेल जीवन के लिए शुभकामनाएं दी गईं.

