गम्हरिया: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड में मंगलवार को उल्लास साक्षरता पखवाड़े का शुभारंभ किया गया. एक सितंबर से 14 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य प्रखंड क्षेत्र के प्रत्येक निरक्षर व्यक्ति की पहचान कर उन्हें उल्लास कार्यक्रम से जोड़ना और साक्षर बनाना है. अभियान के तहत निरक्षरों का ऑनलाइन पंजीकरण भी किया जाएगा.


गम्हरिया प्रखंड कार्यालय स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ नोडल पदाधिकारी प्रभा शंकर तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर किया. उन्होंने कहा कि ज्ञान का दीप जलाकर निरक्षरता के अंधकार को दूर करने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता जरूरी है. अभियान के दौरान विद्यालयों के पोषक क्षेत्र में रहने वाले सभी निरक्षरों की पहचान कर उन्हें उल्लास कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा. उन्होंने सभी संबंधित लोगों से अभियान को सफल बनाने के लिए मिशन मोड में काम करने का आह्वान किया.
कार्यक्रम के दौरान बीआरपी, सीआरपी, नोडल शिक्षक, वॉलिंटियर और उल्लास कार्यक्रम से जुड़े कर्मियों एवं शिक्षकों को अभियान की विस्तृत जानकारी दी गई. पखवाड़े के दौरान कार्यशाला, सम्मेलन, गांव की चौपाल और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को साक्षरता के प्रति जागरूक किया जाएगा.
अभियान में स्कूली बच्चे भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे. विद्यालय स्तर पर प्रभात फेरी और साइकिल रैली निकालकर लोगों को उल्लास कार्यक्रम से जुड़ने का संदेश दिया जाएगा. साथ ही विद्यार्थी अपने विद्यालय के पोषक क्षेत्र का भ्रमण कर निरक्षरों की पहचान और उन्हें पंजीकरण के लिए प्रेरित करेंगे.
प्रखंड स्तर पर अभियान की सफलता के लिए बैठक में आपसी विचार-विमर्श कर रणनीति तैयार की गई. निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने की जिम्मेदारी शिक्षकों और वॉलिंटियर्स को सौंपी गई. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीआरपी रेखा कुमारी ने सभी शिक्षकों से अभियान में पूरी तत्परता के साथ जुटने का आह्वान किया.
सीआरपी अमरेश श्रीवास्तव और सुजाता कुमारी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया. इस दौरान ऑनलाइन पंजीकरण में आ रही कठिनाइयों का समाधान किया गया. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने उल्लास कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया.
इस अवसर पर बीआरपी रेखा कुमारी, सीआरपी अमरेश श्रीवास्तव, देवेंद्र सिंह, यशोदा कुमारी, सुजाता कुमारी, वरुण महतो, रंगलाल महतो, देवेंद्र सिंह सरदार सहित नोडल शिक्षक, वॉलिंटियर्स और विभिन्न विद्यालयों के प्रभारी मौजूद थे.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

