रामगढ़: जिले में अपराध नियंत्रण और सक्रिय अपराधियों की प्रभावी निगरानी को लेकर रामगढ़ पुलिस ने डिजिटल तकनीक के जरिए शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत ने मंगलवार को 36 सदस्यीय Crime Prevention & Detection Wing (C.P. & D.W.) और Digital Criminal Monitoring Portal के कार्यों की समीक्षा की. बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस निरीक्षक, थाना एवं ओपी प्रभारी तथा संबंधित नोडल पदाधिकारी शामिल हुए.


गौरतलब है कि रामगढ़ पुलिस ने 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 के बीच विभिन्न अपराध शीर्षों में आरोप- पत्रित कुल 1,971 अपराधकर्मियों को चिह्नित कर सूची तैयार की है. इनमें रामगढ़ जिले के 1,374, अन्य जिलों के 458 और झारखंड से बाहर के 139 अपराधकर्मी शामिल हैं. पिछले एक महीने में विशेष अभियान चलाकर आर्म्स एक्ट, रंगदारी, एनडीपीएस एक्ट, डकैती, लूट और छिनतई के मामलों में आरोप- पत्रित 258 अपराधकर्मियों का सत्यापन कर डिजिटल प्रोफाइल तैयार किया गया, जिसे पोर्टल पर अपलोड किया गया है. सत्यापन के बाद 28 अपराधकर्मियों के खिलाफ CCA के तहत प्रस्ताव तैयार किए गए हैं. इनमें 4 जिला बदर, 22 थाना हाजिरी और 2 निरुद्धादेश के प्रस्ताव शामिल हैं. इसके अलावा 131 अपराधकर्मियों के खिलाफ निगरानी प्रस्ताव, 33 के खिलाफ गुंडा पंजी में प्रविष्टि और 74 के खिलाफ धारा 129 BNSS के तहत कार्रवाई की गई है.
समीक्षा के दौरान एसपी ने आरोप- पत्रित अपराधकर्मियों के Dual Criminal Verification पर विशेष जोर दिया. संबंधित केस वाले थाने के साथ अपराधी के वर्तमान निवास क्षेत्र के थाने को भी भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. सत्यापन के बाद अपराधी का आपराधिक इतिहास, वर्तमान पता, सत्यापन विवरण और Modus Operandi सहित महत्वपूर्ण जानकारियां Digital Criminal Monitoring Portal पर अपडेट करने को कहा गया है.
एसपी ने वर्तमान में सक्रिय, बार-बार अपराध में शामिल पाए गए अथवा जेल से जमानत पर बाहर आए अपराधियों की नियमित निगरानी का निर्देश दिया. साथ ही विभिन्न थाना क्षेत्रों के बीच Inter-Station Criminal Intelligence Sharing मजबूत करने को कहा गया, ताकि किसी आपराधिक घटना के बाद संदिग्ध और पूर्व अपराधियों की पहचान एवं सत्यापन तेजी से किया जा सके.
पुलिस को पोर्टल पर उपलब्ध सूचनाओं का इस्तेमाल अपराध विश्लेषण, संदिग्धों की पहचान और मामलों के त्वरित उद्भेदन में करने का निर्देश दिया गया है. आवश्यकता के अनुसार अपराधियों के खिलाफ डोसियर, निगरानी प्रस्ताव, CCA प्रस्ताव, जमानत निरस्तीकरण, PIT NDPS Act तथा गुंडा बही और गिरोह पंजी में प्रविष्टि की कार्रवाई भी करने को कहा गया है. अगले एक महीने में चोरी, गृहभेदन और वाहन चोरी के मामलों में 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 तक आरोप-पत्रित रामगढ़ जिले के अपराधकर्मियों का सत्यापन कर उनकी डिजिटल प्रोफाइल पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है.

