
गम्हरिया: सिख धर्म के पांचवें गुरु, श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर रविवार को गम्हरिया स्थित गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धा, सेवा और मानवता का अनूठा संगम देखने को मिला. इस अवसर पर गुरु अर्जुन देव जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए श्रद्धालुओं ने अरदास की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया.


शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा परिसर के बाहर छबील लगाकर राहगीरों एवं श्रद्धालुओं के बीच ठंडा शर्बत, चना तथा अन्य प्रसाद का वितरण किया गया. भीषण गर्मी के बीच बड़ी संख्या में लोगों ने छबील का प्रसाद ग्रहण किया. गुरुद्वारा प्रबंधन समिति एवं सेवादारों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ सेवा कार्य किया.
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी ने सत्य, मानवता, धार्मिक सहिष्णुता और समाज की भलाई के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया. उनका जीवन सेवा, त्याग, प्रेम और भाईचारे की प्रेरणा देता है. उन्होंने हर परिस्थिति में धैर्य, करुणा और मानव कल्याण का संदेश दिया, जो आज भी पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है.
गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने कहा कि छबील सेवा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का प्रतीक है. गर्मी के मौसम में राहगीरों को ठंडा शर्बत पिलाना सिख धर्म की सेवा भावना का जीवंत उदाहरण है. इस दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु अर्जुन देव जी के जीवन और उनके बलिदान को याद करते हुए समाज में प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.
कार्यक्रम में मुख्य रूप से भूपेंदर सिंह, जसपाल सिंह, कमलजीत सिंह, मुपेंद्र सिंह, राणा प्रताप सिंह, हरिन्द्र सिंह, सौदागर सिंह, करण सिंह, अवतार सिंह, जसराज सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक, महिलाएं, युवा एवं बच्चे शामिल हुए. पूरे आयोजन का माहौल श्रद्धा, सेवा और भाईचारे की भावना से सराबोर रहा.
Edited By Sarita


