धनबाद: पुलिस ने साधु का वेश धारण कर अंधविश्वास का फायदा उठाकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. बरोरा थाना क्षेत्र में बीसीसीएल कर्मी की पत्नी से सोने का लॉकेट ठगने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों के कब्जे से ठगी किया गया सोने का लॉकेट, घटना में प्रयुक्त बाइक समेत अन्य सामान बरामद किया गया है.


शनिवार को बाघमारा एसडीपीओ अजित कुमार विमल ने बताया कि मामला बरोरा थाना क्षेत्र के हरिणा कॉलोनी का है. बीसीसीएल कर्मी अजीत प्रसाद ने 31 जुलाई को थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि 28 जुलाई की सुबह दो युवक साधु के वेश में उनके घर पहुंचे, जबकि उनका एक साथी बाहर रेकी कर रहा था. आरोपियों ने उनकी पत्नी को बीमारी और परेशानियों से मुक्ति दिलाने का झांसा देकर बातों में उलझाया और करीब तीन ग्राम वजन का सोने का लॉकेट लेकर फरार हो गए.
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर बाघमारा एसडीपीओ अजित कुमार विमल के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया. तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के रोहतास निवासी सतेंद्र राठौर, सुमन कुमार और इंदल राठौर के रूप में हुई है. पूछताछ में तीनों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली.
पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी किया गया सोने का लॉकेट और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद कर ली है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य बंजारा बनकर अलग-अलग इलाकों में रहकर लोगों को झांसे में लेकर वारदातों को अंजाम देते थे. पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और संदिग्ध डेरों की भी जांच कर रही है.
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अजनबी, साधु या तांत्रिक के बहकावे में आकर अपने कीमती आभूषण या सामान किसी को न सौंपें. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना दें.

