जामताड़ा: चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना (चिरेका) के कस्तूरबा गांधी अस्पताल में भर्ती मरीजों को कथित तौर पर घटिया और बासी भोजन परोसे जाने का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते देखा जा रहा है. वीडियो में भोजन से दुर्गंध आने और उसके बासी होने का आरोप लगाया गया है. हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.


मामले को लेकर अस्पताल के मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी की बात कही जा रही है. आरोप सामने आने के बाद जन सेवा पार्टी के संयोजक राकेश लाल ने चिरेका प्रशासन से पूरे मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है.
राकेश लाल ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि अस्पताल में इलाजरत कई मरीज भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत कर रहे हैं. उनका आरोप है कि मरीजों को ऐसा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे कथित तौर पर दुर्गंध आती है और जो बासी प्रतीत होता है. उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीज पहले से ही बीमारी से जूझ रहे होते हैं. ऐसे में उन्हें पौष्टिक, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना अस्पताल प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. यदि भोजन की गुणवत्ता में लापरवाही बरती गई है, तो यह गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

राकेश लाल
राकेश लाल ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता में कमी के लिए केवल ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराकर चिरेका प्रशासन अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि भोजन आपूर्ति पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं मिल रहा है, तो संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए.
उन्होंने चिरेका महाप्रबंधक से भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी कराने, आपूर्ति व्यवस्था की जांच करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. साथ ही कथित रूप से लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार को काली सूची में डालने की मांग भी उठाई.
राकेश लाल ने चेतावनी दी कि यदि मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो जन सेवा पार्टी चिरेका महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव कर आंदोलन करेगी. उन्होंने कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़े मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. चिरेका प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

