कांड्रा: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों और खनन नियमों के बावजूद कांड्रा थाना के सामने से कथित रूप से बालू लदे वाहनों का दिन-रात आवागमन जारी रहने से प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना के सामने से लगातार गुजर रहे इन वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से नियमों के पालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है.


स्थानीय लोगों के अनुसार, कांड्रा मुख्य मार्ग पर देर रात से लेकर दिन के समय तक बालू लदे वाहन आते-जाते दिखाई देते हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि बालू परिवहन के लिए आवश्यक दस्तावेज, वैध चालान, खनन अनुमति और अन्य नियमों की जांच जरूरी है, तो थाना के सामने से गुजरने वाले वाहनों की नियमित जांच क्यों नहीं की जा रही है.
थाना के सामने से गुजरते हैं वाहन, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं ?
कांड्रा थाना क्षेत्र में अवैध खनन और बालू परिवहन पर निगरानी प्रशासन की जिम्मेदारी है. इसके बावजूद यदि नियमों के विपरीत बालू का परिवहन हो रहा है, तो संबंधित विभागों की भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने के बजाय मुख्य मार्गों पर नियमित जांच अभियान चलाना चाहिए.
NGT के आदेशों के अनुपालन की हो जांच
बालू परिवहन को लेकर NGT तथा राज्य सरकार के खनन संबंधी नियमों के अनुपालन की जांच की मांग उठ रही है. लोगों का कहना है कि प्रशासन यह स्पष्ट करे कि कांड्रा थाना के सामने से गुजरने वाले बालू लदे वाहनों के पास वैध परिवहन चालान, खनन स्रोत और अन्य आवश्यक दस्तावेज हैं या नहीं. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से मामले की जांच कर नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की मांग की है. साथ ही यह भी मांग की गई है कि कांड्रा मुख्य मार्ग पर नियमित वाहन जांच और बालू परिवहन की निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि नियमों का पालन हो सके और सड़क सुरक्षा भी प्रभावित न हो.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

